Mask from Malacca

Before we even realize, it’s another month and time for another souvenir from my treasure box ! 😀

If you were to see souvenirs at my place, you’d find different cultures from different countries, showcased around in abundance, collected over past many many years. They vary in size, shape, color and texture. They speak of different stories and histories. And sometimes they remind me of the moment when they were bought !

For this month, what better than to show you something from Malaysia since I am sitting here in this country.

mask from malacca

A wooden mask with two birds on forehead.

When I was in

A day in Malacca – Malaysia’s red town

As I alight from a luxurious bus from Kuala Lumpur, the first thing I notice about Malacca is its distinctive color. Standing there on the road I turn full circle and cannot believe my eyes. The buildings, doors, the pavements, and even the hoardings… everything in the vicinity is red.


Have I landed in a little girl’s dream world? I am

Colorful Trishaw of Malacca

The moment your tourist bus drops you at the main tourist stop, an instant smile comes to your face. The first thing you notice about the quaint town Malacca (a.k.a Melaka in Malay) is its beauty and of course, the colourful attractive trishaws. So many Trishaws.

My educated guess is that this name is derived from Tricycle + Rickshaw.

Difficult to say, what are more beautiful…. Trishaw or the women. 🙂

Mostly yellow in color, they are

Jus buah

In Malaysia, my way of trying a juice was to put my finger on a name and ask for it. I refused to see a dictionary for its meaning or ask somebody who knew English. I wanted to know them by taste.
At times it resulted in disastrous distasteful situations but I was also glad that I could pick up some names. Also, I paid attention when they pronounced the names.

I have tried each one of these and a few more which are not mentioned in this list. My favourite was Jus Tembikai.
The locals were quite surprised to see me

बहुत सारे त्रिषा |

You can read here Malacca Part I & Malacca Part II.

मंदिरों में भी लाल रंग की भरमार ?

मल्ल्क्का जाने पर सबसे पहले जिस पर नज़र जाती है, वो है लाल इमारतें | और साथ ही नज़र जाती है त्रिषा पर | जी हाँ त्रिषा | बहुत सारे

मल्ल्क्का – संग्रहालयों का संग्रह

पिछली बार हमने शुरुआत की थी मल्ल्क्का से, अब आगे थोड़ा और जानते हैं |

हालाँकि कुआला लम्पुर से मल्ल्क्का अधिक दूर नहीं है, फिर भी मल्ल्क्का का अपना हवाई अड्डा है | हवाई जहाज़ के अलावा कुआला लम्पुर से मल्ल्क्का जाने के लिए सबसे सरल रास्ता है कार या टूरिस्ट बस द्वारा North-South Expressway होते हुए जाना | यह मलयेशिया की सबसे लम्बी expressway  है जो उत्तर में थाईलैंड और दक्षिण में सिंगापुर तक जाती है | ज़ाहिर बात है, सड़क पर गाड़ी मक्खन की तरह भागती है |
यह 144 KMs की दूरी सड़क से २ घंटे से भी कम समय में पूरी हो जाती है | बस का किराया केवल RM 12 है | बस आपको मल्ल्क्का शहर के अन्दर सेंट्रल बस अड्डे पर उतारती है जहाँ से हर पंद्रह मिनट में लोकल बस जाती है मुख्य टूरिस्ट स्थान के लिए | अरे ! भवें न तानिये | मलयेशिया की लोकल बसें भी वातानुकूलित होती हैं | 😀 और किराया सिर्फ RM 1.50 ! अगर आपका मन करे तो जब तक आपकी बस आती है, यहाँ बस अड्डे पर तरो ताज़ा हो लें, चाय नाश्ता कर लें | विश्वास कीजिये, भारत के किसी भी

मल्लिका नहीं मल्ल्क्का !

Here is my first post in Hindi on Malacca. Read on if you can, it is different from my English posts.


पहले छुट्टियों का मतलब होता था नाना-नानी या दादा-दादी के घर की तरफ रुख़ करना लेकिन समय के साथ धीरे धीरे यह परिभाषा बदलने लगी और लोग दूसरी जगहों पर भी जाने लगे | और आजकल तो विदेश यात्रा भी बहुत प्रचलित हो गयी है |

और जब घर से निकलने की बात है तो अधिकतर लोग २-३ देशों को एक साथ देखने का प्रोग्राम बनाते हैं | इसके मुख्यतः दो कारण हैं | पैसे और समय की बचत | जो कि एक हद तक जायज़ भी है | समय एवं पूँजी की समस्या न हो तो यूरोप जायें और बिना २-३ देशों का भ्रमण किये लौट आयें, यह हो नहीं सकता | अरे भाई, बार-२ विदेश यात्रा थोड़े ही होती है |

इसी प्रकार जब कभी